घुम रहा है युवा
एक जगह से दूसरी जगह
नौकरी की तलाश में
मिलेगा उसे भी मौका कहीं
घूम रहा है इसी आस में
राह चुन रहा है युवा
असंजस में है मगर
चला है धीरे-धीरे राह में
ठान तो लिया है उसने
पा लेगा वह लक्ष्य
जो बुन लिया उसने दिमाग़ में
जम के चल रहा है युवा
हर क़दम फुक-फुक के
कहीं डूब न जाए दलदल में
चलना है उसे अभी बहुत
जा के काफी आगे
चमकना है इस जहान में
गगन चुम रहा है युवा
पर तुझे क्या है हुआ
उठो,जागो,आगे बड़ो
उतर जाओ सब मैदान में
बन के दिखाओ कुछ ऐसा
कि हम भी लिखें आपकी शान में