Saturday, 24 December 2016

संदेशा

संदेशा आया है 
तेरे गाँव से 
तुझे बुलाया है 

लिखा है 
तेरी माँ है बहुत बीमार 
तेरा ही नाम उसकी ज़ुबाँ में 
आ रहा है बार-बार 
कहती है दुनियावालो का 
मुझ से क्या लेना-देना 
मुझ से नहीं है किसी का सरोकार 
संदेशा आया है 
तुझे बुलाया है 

लिखा है
तू आना बस एक बार 
तुझे देखना चाहती है आखरी बार 
ये मत समझना कि 
माँ ने किए है कोई उपकार 
मैने तो बस 
अपना फर्ज़ निभाया है हर बार 
संदेशा आया है 
तुझे बुलाया है 

लिखा है 
तू न आया था 
जब मैं बीमार हुई थी पिछली बार 
वक्त नहीं है कहता है हर बार 
पिछले दो हफ़्ते से है माँ बीमार 
छाती में दर्द और
खून की उल्टियां हो रही है लगातार 
संदेशा आया है 
तुझे बुलाया है 

लिखा है 
वक्त मिले तो ज़रूर आना 
वरना उसे मेरी मौत में भी न बुलाना 
सवाल उठेगा 
क्या ऐसे होते है बेटे 
क्या कहेगा जमाना 
संदेशा आया है 
तुझे बुलाया है    


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