झूठे है बोल उसके
झूठा है उसका व्यव्हार
पीट के पीछे घुसा
सामने करता है जी सरकार
बातचीत करना तो दूर
वह नहीं करता है
हाथ जोड़ कर नमस्कार
क्यों बदल रहा है वह
क्यों बदल गया है उसका व्यव्हार
न उसके दिल में
बड़ो के लिए आदर है
न है उसे बच्चों से प्यार
मज़बूरी लगती है उसको
किसी की बात सुनना
नहीं है वह इसके लिए तैयार
निरादर की सीढ़ी
वह चढ़ रहा है लगातार
मज़बूर है क्या वह
या बदलना नहीं चाहता अपना व्यव्हार
न जाने उसको पैसों का है या
आधुनिकता का चढ़ा है ख़ुमार
लगता है जैसे
वह हर पल हो बीमार