Saturday, 5 June 2021

बदलता व्यव्हार

 झूठे है बोल उसके

झूठा है उसका व्यव्हार

पीट के पीछे घुसा

सामने करता है जी सरकार


बातचीत करना तो दूर

वह नहीं करता है

हाथ जोड़ कर नमस्कार

क्यों बदल रहा है वह

क्यों बदल गया है उसका व्यव्हार


न उसके दिल में

बड़ो के लिए आदर है

न है उसे बच्चों से प्यार

मज़बूरी लगती है उसको

किसी की बात सुनना

नहीं है वह इसके लिए तैयार


निरादर की सीढ़ी

वह चढ़ रहा है लगातार

मज़बूर है क्या वह

या बदलना नहीं चाहता अपना व्यव्हार

न जाने उसको पैसों का है या

आधुनिकता का चढ़ा है ख़ुमार

लगता है जैसे

वह हर पल हो बीमार