Thursday, 14 October 2021

बेसहारा पशु

क्यों है वो बेसहारा

क्यों नहीं उनका घर-दवारा

कौन करेगा उनका समाधान

देखते है सभी नज़ारा


अपने जीवन को स्वस्थ बनाने हेतु

तुम लेते हो पशुओं का सहारा

हो जाता जब पशु बुढ़ा

कर देते हो तुम उससे किनारा


घूमना पड़ता है उसे गली-गली

फिरता है वो मारा-मारा

एक बार जो उसे निकाल दिया

फिर नहीं देखते उसे दोबारा


कैसा जीवन दे रहे हो तुम

इन बेजुबान पशुओं को यारा

मत सोचो कोई नहीं कहने वाला

खुदा ही है उनका सहारा


लगे है जो सेवा में

बन रहे है पशुओं का सहारा

खोली है जिन्होने पशुशाला

हाथ जोड़ कर सलाम उन्हें हमारा