Sunday, 6 March 2022

सितारों का हाल

अपनी जैकेट को चादर
बाँहों को तकिया बनाया मैंने
ऐसी कई रातों को
तन्हा गुजारा है मैंने

रास्ते थे मेरे हमसफ़र
कोई नहीं था साथ अपने
ठान लिया था बस चलना है
बाकी आगे जो हो रब जाने

नहीं देता कोई आसानी से काम
ढूंढते थे सभी ठुकराने के बहाने
चाहे उन्हें कुछ भी न आए
फिर भी बनते थे सियाने

लड़ना तो था ही ज़िन्दगी से
फिर चाहे बन जाते अफ़साने
पड़ जाते अगर हौंसले कमज़ोर
शायद बदल देते हम भी ठिकाने

देखे थे कई सपने
जो करने थे मुझको पुरे
एक मौके की तलाश थी
फिर तो भरनी थी उड़ाने