Monday, 9 May 2022

स्वच्छता का नज़रिया

बदल रही है दुनियाँ
बदल रहा है समाज
अलग हो गई है अब
स्वच्छता की परिभाषा
बदल गया है अंदाज़

धोती-कुरता भूल गए
सूट-बूट पहनते है सभी
सहाब जैसे हैं सबके मिज़ाज़
अच्छे कपड़े ही है
स्वच्छता की निशानी आज

शरीर शुध्दि से नहीं
किसी को कोई मतलब
बस कपड़े दिखने चाहिए साफ
वरना दो मिनट में ही
बोल देते है गंदे कपड़े वालों के खिलाप

बड़े अजीब है लोग अब
कहते है अच्छा पहनावा ही
दिखाता है आदमी की औकात
कोई फर्क नहीं पड़ता आजकल
दाल-रोटी खाओ या सब्ज़ी-भात