Monday, 15 August 2022

आवाज़ दो

आपकी जानिब से
आवाज़ तो उठे
भूकम्प ला देंगे
इस शान्त माहौल में
आपके हाथ, साथ
देने के लिए तो उठे


सच है जो वही बोलेंगे
झूठ के राज़ सबके
सबके सामने खोलेंगे
फिर चाहे टमाटर पड़े या अण्डे
हम न हटेंगे पीछे
चाहे पड़ जाए पुलिस के डण्डे


सिखा है जीना सर उठा के
फिर क्यों किसी के डर से झुकें
कहतें है हर बात
पूरी सच्चाई के साथ
एक बार जो बोल दिया हमने
फिर कभी पीछे नहीं हटें


तुम एक आवाज़ दो
हम जगा देंगे उनको भी
जो पड़े है कब से सो के
निर्णय होगा निष्पक्षता से
इंसाफ मिलेगा सबको
जो खड़े रह कर हैं थके