Saturday, 9 January 2016

ओलम्पिक विशेष

छूना है हमको 
ये आसमान
छोड़ने हैं हमें यहाँ
अपने कदमों के निशान
जय हिंदुस्तान जय हिंदुस्तान

हमारे सपने हैं बहुत बड़े
जैसे हो एक बड़ी चटान
करने हैं वह सब हमको पूरे 
भरनी पड़ेगी ऊँची उड़ान
जय हिंदुस्तान जय हिंदुस्तान

बढ़ रहे हैं हम मंज़िल की ओर
बनानी है अपनी अलग पहचान
रुकना नहीं है अब एक पल भी
चाहे आ जाए आंधी -तूफान
जय हिंदुस्तान जय हिंदुस्तान

 उठना है ज़िंदगी में ऊँचा
करने हैं हमें बड़े काम
बनना है हमको ऐसा इन्सान
बदल दे जो अपने दम पे दुनिया
हो जाए अपनों के लिए कुर्बान
जय हिंदुस्तान जय हिंदुस्तान

ईश्वर है सबका रखवाला
साफ रखना है अपना इमान
बढ़ते जाना है बस आगे 
एक दिन किस्मत भी होगी मेहरबान
जय हिंदुस्तान जय हिंदुस्तान

न हम थकेंगे,न हम रुकेंगे
चलते रहेंगे जब तक है
जान में जान
दिखा देंगे हम मंज़िल पा कर 
देखता रह जाएगा सारा जहान
जय हिंदुस्तान जय हिंदुस्तान