उनसे जो बात हो गई
समझो मुलाक़ात हो गई
दो पल की बारीश
समझो बरसात हो गई
समझो मुलाक़ात हो गई
दो पल की बारीश
समझो बरसात हो गई
बार-बार क्या मिलना-जुलना
ये कैसी अब धारणा हो गई
अपनी बस एक मुलाक़ात ही
सदियों की सौगात हो गई
आज के प्रेमियों की
अजब है हर मुलाक़ात
एक पल में शाम
दूसरे पल में ही रात हो गई
अजब सा दिल
होता उन दिनों में
निकल जाते दिन-महीने
एक झलक पाने में
दिख जाती जो सूरत
वो दिल में तस्वीर हो गई
जो एक पल नज़रे मिली
फिर प्यार की शुरुआत हो गई