Sunday, 14 November 2021

हमारी बात

उनसे जो बात हो गई
समझो मुलाक़ात हो गई
दो पल की बारीश
समझो बरसात हो गई

बार-बार क्या मिलना-जुलना
ये कैसी अब धारणा हो गई
अपनी बस एक मुलाक़ात ही
सदियों की सौगात हो गई

आज के प्रेमियों की
अजब है हर मुलाक़ात
एक पल में शाम
दूसरे पल में ही रात हो गई

अजब सा दिल
होता उन दिनों में
निकल जाते दिन-महीने
एक झलक पाने में

दिख जाती जो सूरत
वो दिल में तस्वीर हो गई
जो एक पल नज़रे मिली
फिर प्यार की शुरुआत हो गई


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