अब क्या लज्जा
अब क्या शर्माना
लड़कियों का है दबदबा
लड़कियों का है ज़माना
अब क्या शर्माना
लड़कियों का है दबदबा
लड़कियों का है ज़माना
भूल गई है वो झुकना
अब आता है उन्हें झुकाना
सिख लिया है उन्होंने
अब अपने बलबुतो पे जीना
छोड़ दिया है अब सहना
आता है ज़माने से लड़ना
हर वक़्त देख लिया है उन्होंने
आता है अब सबक सीखना
न अब वो डरती है
नहीं हटती है पीछे
चाहे हो जाए कुछ भी
चाहे बन जाए कोई अफसाना
लड़के भी बन रहे हैं
अब बदल कर लड़कियाँ
देखो कितना बदल गया समाज
कैसा आ गया अब जमाना