Saturday, 8 January 2022

लड़कियों का ज़माना

अब क्या लज्जा
अब क्या शर्माना
लड़कियों का है दबदबा
लड़कियों का है ज़माना

भूल गई है वो झुकना
अब आता है उन्हें झुकाना
सिख लिया है उन्होंने
अब अपने बलबुतो पे जीना

छोड़ दिया है अब सहना
आता है ज़माने से लड़ना
हर वक़्त देख लिया है उन्होंने
आता है अब सबक सीखना

न अब वो डरती है
नहीं हटती है पीछे
चाहे हो जाए कुछ भी
चाहे बन जाए कोई अफसाना

लड़के भी बन रहे हैं 
अब बदल कर लड़कियाँ
देखो कितना बदल गया समाज
कैसा आ गया अब जमाना


No comments:

Post a Comment