लगती है वह
एक सीधी-साथी लड़की
है उसकी एकल सीट
पास में है उसके खिड़की
वही से वो बोलती
बस कहाँ-कहाँ है जाती
वहीं से सबको
वो जवाब दे देती
मुँह में उसके विसल
हाथ से ही इशारा करती
किसी को वो बाहर
किसी को अन्दर है करती
सब जाते पास उसके
टिकट काटने के लिए
शायद प्यार से बोलेगी लड़की
बात करने लगे सभी
ये तो पुरी कंडक्टर है
जब वो एक पर भड़की