Monday, 25 September 2023

खेती

मेरी इज्ज़त है खेती
यही रोटी मुझको देती
इसी के दम पे हूँ खड़ा
किसी के आगे न झुकने देती

मुश्किल है थोड़ा काम
मेहमत तो है करनी पड़ती
न किसी की रोक -टोक
अपनी मर्ज़ी की है ज़िन्दगी होती

जो चाहिए वही फसल उगा दो
बचे तो बेच दो
कुछ भी व्यर्थ नहीं जाती
हर फसल है बाज़ार में बिकती

हर किसान को करो प्रोत्साहित
तभी चलेगी और बढ़ेगी खेती
नयी पीढ़ी का तो पता नहीं
दो पल के लिए भी नहीं उठते गैंती

उन्हें न बनानी, न है पकानी आती
उन्हें खानी आती है बस रोटी
उनकी पहली पसंद है बर्गर, पीज़ा
फिर क्या करेंगे वह खेती


Tuesday, 5 September 2023

संरक्षण

कुछ तो करो उपाय
वरना लिखा जाएगा
मानव का काला अध्याय
मिलेगा नहीं जब कहीं पानी
तब करेगा मानव हाय-हाय

किसी के पास वक़्त नहीं
पानी की किसी को कोई चिन्ता नहीं
उन्हें तो पानी मिलना चाहिए
चाहे पैसों के लिए क्‍यों नहीं
उनकी प्यास बुझानी चाहिए बाकी कुछ नहीं

जो पानी कभी मुफ्त मित्रता था
आज बिना पैसों के मिलता नहीं
जो आज पैसों से मिल रहा है
शायद कल पैसों से भी मिलेगा नहीं
जागो अभी भी, वरना सबकी खैर नहीं

अब समय-समय पर वर्षा होती नहीं
बर्फ भी अब पहाड़ों में ज्यादा दिखती नहीं
एक बात सुन लो -ओ व्यस्त लोगों
बिना पानी के ज्यादा दिन
ज़िन्दगी यहाँ टिकती नहीं

करो तुम कुछ संरक्षण के उपाय
वरना लग जाएगी पानी की हाय
कोई नहीं बचेगा इसके कहर से
इसलिए वक़्त रहते पढ़े-लिखे लोगों जागो
करो कुछ प्रकृति के हित में उपाय