कुछ तो करो उपाय
वरना लिखा जाएगा
मानव का काला अध्याय
मिलेगा नहीं जब कहीं पानी
तब करेगा मानव हाय-हाय
किसी के पास वक़्त नहीं
पानी की किसी को कोई चिन्ता नहीं
उन्हें तो पानी मिलना चाहिए
चाहे पैसों के लिए क्यों नहीं
उनकी प्यास बुझानी चाहिए बाकी कुछ नहीं
जो पानी कभी मुफ्त मित्रता था
आज बिना पैसों के मिलता नहीं
जो आज पैसों से मिल रहा है
शायद कल पैसों से भी मिलेगा नहीं
जागो अभी भी, वरना सबकी खैर नहीं
अब समय-समय पर वर्षा होती नहीं
बर्फ भी अब पहाड़ों में ज्यादा दिखती नहीं
एक बात सुन लो -ओ व्यस्त लोगों
बिना पानी के ज्यादा दिन
ज़िन्दगी यहाँ टिकती नहीं
करो तुम कुछ संरक्षण के उपाय
वरना लग जाएगी पानी की हाय
कोई नहीं बचेगा इसके कहर से
इसलिए वक़्त रहते पढ़े-लिखे लोगों जागो
करो कुछ प्रकृति के हित में उपाय
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