Friday, 20 December 2024

लहर

ये जो चली है
ईमानदारी की लहर
शामिल हो जाओ इसमें
वरना नहीं तुम्हारी खैर

अभी कुछ नहीं हुआ
वक़्त है संभल जाओ
वरना तुम्हारा बाहर निकलना
मुश्किल हो जाएगा शामो-सहर

छोड़ दो गलत धंदे
छोड़ दो गलत काम
वरना बच नहीं पाओगे
जब बरसेगा जनता का कहर

कब छोड़ोगे ये गफले का चक्कर
अब जीना है तो सुधर जाओ
वरना तुम्हारी खैर नहीं
बहुत बेच दिया तुमने ज़हर

आ गया है अब समय
किया है कुछ ऐसा निर्णय
लेनी पड़ेगी सबको मिलके टक्कर
की हो जाएगी उनकी हर चाल बेअसर


Thursday, 21 November 2024

सच बात

तेरी तकदीर बनेगी
तुझमें विश्वास है अगर
तेरे कर्म के बिना
इसे कोई नहीं बदल सकता आ कर
चाहे हो कोई विद्वान या हो शैतान
या हो कोई जादूगर

न मुझे सुनने से
न मेरे जैसे रास्ते चुनने से
तुझे तेरी मंज़िल मिलेगी
तेरे कर्मो के बिना तुझे
कोई कुछ नहीं दे सकता
चाहे हो वो किस्मत का सौदागर

बस खाली सोचने से
कोई बात नहीं बनने वाली
एक जगह में रहने से
मंज़िल तक गाड़ी नहीं पहुँचने वाली
कर्मों से किस्मत की बाज़ी जीती जा सकती है
कर्मों के बिना न जीत पाया है कोई बाज़ीगर

तुझे चलना है
तुझे जलना है
दुनियाँ में है कई मुसाफिर
तेरा कुछ नहीं होने वाला
जब तक तू न चाहे
फिर चाहे आसमान से आए कोई रहबर