Friday, 20 December 2024

लहर

ये जो चली है
ईमानदारी की लहर
शामिल हो जाओ इसमें
वरना नहीं तुम्हारी खैर

अभी कुछ नहीं हुआ
वक़्त है संभल जाओ
वरना तुम्हारा बाहर निकलना
मुश्किल हो जाएगा शामो-सहर

छोड़ दो गलत धंदे
छोड़ दो गलत काम
वरना बच नहीं पाओगे
जब बरसेगा जनता का कहर

कब छोड़ोगे ये गफले का चक्कर
अब जीना है तो सुधर जाओ
वरना तुम्हारी खैर नहीं
बहुत बेच दिया तुमने ज़हर

आ गया है अब समय
किया है कुछ ऐसा निर्णय
लेनी पड़ेगी सबको मिलके टक्कर
की हो जाएगी उनकी हर चाल बेअसर


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