Thursday, 12 January 2017

ठण्डी

आई है ठण्डी -आई है ठण्डी
छाई है ठण्डी -छाई है ठण्डी
पी ले गर्म चाय की पायली
दूर भगा दे ये ठण्डी

हाथ क्या मले है तु
फुक - फुक के
खत्म हो गई है
होंटो की लाली सुख के

किसी को नहीं छोड़ती है ये 
बना देती सबको सुखी डंडी
चाहे कोई घर में बैठे रहे
या खड़ा हो जाए सब्जी मंडी

न छोड़े ये बच्चो को
न बच पाए इससे बड़े भी
चाहे हो कोई सजन
या हो कोई पाखंडी  

जहाँ तक जा सकती है नज़र 
वहाँ तक दिखती है सफेद झंडी 
करो जल्दी कोई उपाय
इससे बचने का वरना 
ये तो होती है बड़ी टोन्डी  



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