Sunday, 2 April 2017

कुतों का कहर

हवा में पानी में 
मिला है पहले से ही जहर 
अब तो रास्तों में चलना भी
हो रहा है मुश्किल
दिखता है हर तरफ कुतों का कहर 

घूमने के बहाने 
कुतों को लाते है सड़कों पर  
फैलाते है  फिर गंदगी
कभी पार्को में और 
तो कभी पगडंडियों पर 

बड़ा खराब हो गया माहौल 
पालतू कुतों का सड़क पर 
आवारा कुतों का कहर 
बरस रहा है कभी बाइक वालों 
तो कभी पैदल चलने वालो पर 

बात करते है स्वच्छता पर 
शायद नहीं दिखता है उन्हें 
ये कुतों का असर 
कही गाँव में भी नहीं ऐसा मंज़र 
जो बना है आज शहर -शहर 

एक दिन की नहीं ये बात 
होता है हर शामो-सहर 
हमें तो कोई परेशानी नहीं 
बुरा असर न पड़े कहीं इसका 
क्या विचार करता है कोई इस पर