Saturday, 15 April 2017

युवाओं का नज़रिया

सोच अच्छी है
कर्म अच्छा है
जब कुछ नया देख लेता है
वह उलझ जाता है

जानें क्यों उसको
खुद के लोगों से ज्यादा
गैरों पे भरोसा है
बिना सोच-विचार करके
हर बात सच मान लेता है

विदेशों से आई हर वस्तु को
सबसे पहले वह अपनाता है
उसी का उपयोग करके
उसी के गुण गाता है

अपना देसी खाना छोड़ कर
विदेशी खाना वह खाता है
यहाँ उसे अच्छा नहीं लगता
इसलिए विदेश जाना चाहता  है

अपनी संस्कृति को बन्धन
औरों को अच्छी बताता है
अपने देश की हर कमी को
वह विदेशों से तोलता है

हमारे समाज से ज्यादा
विदेशी समाज उसे बहाता है
अपनी भाषा से ज्यादा
विदेशी भाषा वह बोलता है
पर वह नहीं जानता
दुनियाँ का हर नागरिक
इस देश को जानना चाहता है