Saturday, 5 December 2020

छोटे बाॅस

निर्णय बड़े-बड़े लेते थे

खुद तो सिखते थे

हमें भी सिखाते थे

उम्र में हम बड़े

वह हम से छोटे थे


हर कार्य समय से निपटे

यही सफलता का राज़ है

वह हमें समझाते थे

कैसे कम से कम समय में

काम निपटाते है

ऐसे गुर वह हमें सिखाते थे


कॉर्पोरेट की दुनिया में

समय का, निर्णय का

अनुशासन का, ईमानदारी का

महत्त्व क्या होता है

वह हमें बताते थे


छोटे काम को बड़ा

बड़े काम को छोटा

समझने का ट्रिक

वह हमें समझाते थे

उम्र में हमसे छोटे

वह हमारे बॉस थे



Thursday, 5 November 2020

मेरी कल्पना

एक दिन आएगा
जब मानव तरस जाएगा
लाख कोशिश कर के भी
अपना वजुद नहीं बचा पाएगा

जितनी ज़्यादा गति से
बढ़ रहा है तू आधुनिकता की ओर
उतना ही कम समय
मानव इस धरती पर रह पाएगा

पैसों की मानसिकता वाला मानव
क्या पैसे ही खाएगा
एक दिन सब स्त्रोत समाप्त हो जाएगें
बस पैसा ही पैसा रह जाएगा

तू अपना समय निकाल चुका
आने वाला कैसे जी पाएगा
तेरी कामयाबी मूल्यहीन होगी उनको
बस परेशानियों का सबब बन जाएगा

कहेगा वह खुद तो चला गया
अब हमसे क्या उम्मीद करेगा
निरादर होगा तुम्हारा
जब भी कहीं जिक्र आएगा


Friday, 20 March 2020

कैद ज़िन्दगी

पिंजरे के पंछी सी
कैद हो गई है ज़िन्दगी
जियेगा क्या तू आज में
तुझे तो चिंता है कल की 

कैसे जियेगा इन्सान यहाँ
क्या हालत हो गई दुनियां की 
जी तो नहीं पाया तू दो पल को  
बातें करता है भविष्य की

निकलता  है तू हर सुबह
घर से ऑफिस से घर
देख तेरी हालत कैसी हो गई
छोड़ दे ये झूठा मुस्कुराना
इतना तो पता है हमें भी
कीमत है यहाँ हर खुशी की

प्रतीत होता है ऐसा तेरे कर्मो से

इच्छा है तुझे कुछ साथ ले जाने की
इतना जान ले ओ शख्स 
साथ  न  कोई  कुछ 
ले जा सका आज तक 
फिर तूने कैसे हिम्मत की

हर तरफ दिखता है मंज़र
नये दौर का 
फिर भी तनाव भरी है ज़िन्दगी 
न जाने कब हो
इस दुनियां से जाना
खुशी  से जी ले मिलते है जितने पल भी 


Sunday, 26 January 2020

thoda tham

oe...kisne keh diya esko
naachne aaja disko
laga di poore flor mai aag
koi to bitha do ab esko

(o baby teri bam
nikaal na de kahin dam
aur kitna naachegi
ab to thoda tham)-2x

kon sa nasha hai chada aaj
koi pata nahi hai kisiko
ak-ak beth gye hai sab
koi to bitha do ab esko
(o baby teri bam
nikaal na de kahin dam
aur kitna naachegi
ab to thoda tham)-2x

ye bethe kyun na
kya ho gya hai esko
saare tufaan tham gye
koi to bitha do ab esko
(o baby teri bam
nikaal na de kahin dam
aur kitna naachegi
ab to thoda tham)-2x

sab jal gya kuchh nahi jalne ko
koi to jaake keh do esko
shant karo eske badan ki jawala
koi to bitha do ab esko
(o baby teri bam
nikaal na de kahin dam
aur kitna naachegi
kya naache thoda ham)-2x


Wednesday, 15 January 2020

pyar hai barbadi

sab kuchh karo
ye pyar nahi
kab kya karva de
eska bharosa zara bhi nahi
ye bhukh hai ya hai pyaas
kuchh bhi keh sakte nahi
(ye pyar hai barbaadi
sufi ko bhi bana de sharabi)-2x

kitno ko tadpaya hai
aur kitno ko tadpaaega
koi khabar nahi
badi tedi hai ye dagar
es or kabhi
bhul ke jana nahi
(ye pyar hai barbaadi
sufi ko bhi bana de sharabi)-2x

ye kab ho jaae
kab ye dil kho jaae
kisi ko pata nahi
bada zaalim rog hai ye
esse door hi rehna
pass eske jana nahi
(ye pyar hai barbaadi
sufi ko bhi bana de sharabi)-2x



Sunday, 5 January 2020

गाँव की बस

शाम को वह आती थी
सुबह-सुबह ही चली जाती थी
थोड़ी देर से ही सही
पर मंज़िल तक पंहुचा देती थी

लगता था वह ट्रांसपोर्ट की
सबसे पुरानी बस थी
जो हर रोज़ हमारे गाँव
आया-जाया करती थी

निकलती तो हर बार
वह समय से थी
पर कभी निश्चित
वक़्त में नहीं पहुँच पाती थी

कई बार तो वह
बीच राह में ही
बंद हो जाती थी
सवारियां इधर की न
उधर की रह जाती थी

लगता था उसका समय
हो गया था आराम करने का
क्यूँकि वह खटारा हो चुकी थी
रोज़-रोज़ की दवाईयों और ऑपरेशन से
शायद वो परेशान हो चुकी थी