Sunday, 30 April 2023

पुराने नोट

जब टटोला धोने को
मैंने अपना कोट
ढूंढ़ते-ढूंढते मुझे
उसमें मिला पुराना नोट

कुछ देर देख कर सोचा
कुछ नहीं बदला
वही गाँधी है
वही पाँच सौ का नम्बर
कहने को बदल गया है नोट

मिल जाता है जब भी
कहीं भी किसी को
कभी भी पुराना नोट
हो जाता है सर में दर्द
दिल में लग जाती है चोट

सोच में पड़ गया मैं
क्या करूँ अब इसका
खत्म हो गई है वैधता
न चढ़ा सकता हूँ कहीं भेंट

कागज़ का टुकड़ा बन कर
रह गया है अब ये नोट
न कोई सम्मान मिलता
न मिलते है अब वोट


Thursday, 27 April 2023

तत्काल की लाइन

तत्काल की लाइन में
लगना नहीं इतना आसान
या वक़्त गवाना पड़ता है
या करने पड़ते है पैसे कुर्बान

यहाँ नहीं चलता है
किसी का भी सिक्का
न चलती है
किसी की जान पहचान

न कोई छोटा
न कोई बड़ा
सब लगते लाइन में एक समान

जो करता है दादा बनने की कोशिश
उसे दो मिनट में सीधा
कर देते हैं यहाँ इन्सान

लगे रहना पड़ता है
बस लाइन में
न चुप रहना पड़ता है
न चलानी पड़ती है ज्यादा जुबान

कोई अगर गलत तरीके से
घुसने की कोशिश करता है
बस बरसने लगते है उस पर
जैसे हो वो कोई शैतान

पंद्रह-सोलाह घण्टे होती है
जनता लाइन में परेशान
फिर भी नहीं कन्फर्म टिकट
कब निकालेगा रेलवे इसका समाधान


Saturday, 15 April 2023

रिश्तों के नाम

अजब है गजब है
हमारा हिंदुस्तान
यहाँ एक नहीं दो नहीं
कई है रिश्तों के नाम

सब से है अलग रिश्ता
सबके लिए है अलग नाम
चाहे कोई अपना

या हो कोई अनजान
हो कोई भी रिश्ता
अदब से बोलना समझते है अपनी शान
चाहे विदेशों से ही क्‍यों न

आ जाए कोई मेहमान
बस शुरू हो जाए बातों का सिलसिला
फिर पल्न में बता देतें है

क्या है उनसे उनका रिश्ता
जैसे ही हो जाती है जान-पहचान
यहाँ तो पशुओं से रिश्ता है
उनसे तो छोड़ो

वह तो है इन्सान
हर एक रिश्ते का है नाम
चाहे हो वह पंडीत
या हो कोई विद्वान्‌