Saturday, 15 April 2023

रिश्तों के नाम

अजब है गजब है
हमारा हिंदुस्तान
यहाँ एक नहीं दो नहीं
कई है रिश्तों के नाम

सब से है अलग रिश्ता
सबके लिए है अलग नाम
चाहे कोई अपना

या हो कोई अनजान
हो कोई भी रिश्ता
अदब से बोलना समझते है अपनी शान
चाहे विदेशों से ही क्‍यों न

आ जाए कोई मेहमान
बस शुरू हो जाए बातों का सिलसिला
फिर पल्न में बता देतें है

क्या है उनसे उनका रिश्ता
जैसे ही हो जाती है जान-पहचान
यहाँ तो पशुओं से रिश्ता है
उनसे तो छोड़ो

वह तो है इन्सान
हर एक रिश्ते का है नाम
चाहे हो वह पंडीत
या हो कोई विद्वान्‌



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