हिन्द के नागरिक
ऐसा सोचते हैं
जो कपड़े नहीं पहनते
वह गरीब होते हैं
हिन्द के नागरिक
ऐसा सोचते हैं
वह कुछ नहीं कर पाते
जो कमज़ोर होते हैं
हिन्द के नागरिक
ऐसा सोचते हैं
जो कुछ नहीं बोलते
वह कुछ नहीं जानते हैं
हिन्द के नागरिक
ऐसा सोचते हैं
जो साधु-संत है बने
वह देश को कुछ नहीं देते हैं
हिन्द के नागरिक
ऐसा सोचते हैं
जो राजनीति में आता है
वह जनता की सेवा नहीं करते हैं
No comments:
Post a Comment