Friday, 3 March 2023

माँगते नहीं

है कृपा इतनी
उस रब की
मिल जाता है
जरूरत होती है जितनी
फिर भी किसी से माँगे
ये तो न इंसाफी होगी

जीवन जीने के लिए
खाना तो पड़ेगा ही
किस्मत के भरोसे
किसी को रोटी तो मिलती नहीं
कुछ भी हासील करने के लिए
कर्मो की लड़ाई तो लड़नी होगी

किसी से भी व्यर्थ
पैसा माँगना ज़िन्दगी नहीं
हमें अपना काम करना है
फिर सामने वाला जो दे
इच्छा से, उतना ही हम लेगें
वही हमारी दक्षिणा होगी  

कोई कुछ नहीं माँगता
संत न कोई योगी
जो भी है माँगने वाला
मनमर्जी का, वह है ढोंगी
कब तक किसी की भी
बातों में आती रहेगी जनता 
कब इस बारे में सोचेगी


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