Wednesday, 18 January 2023

मज़बूरी का फ़ायदा

मान गया वो कैसे
काम करेगा ऐसे-ऐसे
देंगे उसे आधे पैसे
कोई न समझ पाया बात
क्यों उसकी सबसे दूरी थी
उसकी तो मज़बूरी थी

मिल जाए जो कुछ
वही बहुत उसके लिए
कितना कमाओगे उससे
मालूम है उसे पर बोल न पाया
क्यों उसकी सबसे दूरी थी
उसकी तो मज़बूरी थी

काम से काम किया उसने ज्यादा
न की कभी कोई चलाकी
न तोड़ा कभी अपना वादा
जितना काम बोला वो किया
फिर भी उसकी सबसे दूरी थी
न उसकी कोई हजूरी थी

अरे पैसों के लालची
न कर तू कोई ऐसा गुनाह
कि मिलनी मुश्किल हो जाए माफ़ी 
तूने तो उसको भी नहीं छोड़ा
जिसकी दिख रही मज़बूरी थी



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